एमएसएमई की क्रांति : बदल रहा है भारत का आर्थिक परिदृश्य

नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है, जो 2020-21 में ₹3.95 लाख करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹12.39 लाख करोड़ हो गई है, जो भारत की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने और वैश्विक व्यापार को सुदृढ़ करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। 2024-25 में…

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एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी): आर्थिक तरक्की और सांस्कृतिक धरोहर का मधुर संगम

वर्ष 2018 में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) का बीजारोपण किया गया था, जिसका लक्ष्य क्षेत्रीय आर्थिक विभाजन को पाटना और भारत के विभिन्न जिलों में आत्मनिर्भरता का पोषण करना था। इसका उद्देश्य एकल प्रतिष्ठित उत्पाद के माध्यम से प्रत्येक जिले की अनूठी शक्तियों की पहचान करना, उसकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाना और स्थानीय समाज…

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