नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का मंगलवार को ऐलान हो गया है। पांच फरवरी को चुनाव के लिए वोटिंग होगी तो वहीं 8 फरवरी को रिजल्ट आएंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के बीच होगा। इसके साथ अन्य क्षेत्रीय दल भी चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगे।
मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने पत्रकार वार्ता में चुनाव की घोषणा करते हुए कहा कि लोकंतत्र बहुत सुंदर बगिया है, अपने वोटों से ऐसे ही सजाते रहें। हम 90 करोड़ वोटर्स के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जल्द ही एक अरब का आंकड़ा पार कर लेंगे। दिल्लीवालों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। मुझे उम्मीद है कि इस बार दिल्ली दिल से वोट करेगी। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव से जुड़े आंकड़े जारी करते हुए कहा कि बुजुर्गों और दिव्यांदजनों के लिए इस बार भी घर बैठे वोटिंग की सुविधा होगी। 85 साल से ऊपर और दिव्यांगजनों को पोलिंग बूथ आने की जरूरत नहीं है। अगर ऐसे लोगे फिर भी वोटिंग करने आते हैं तो उनके लिए पोलिंग बूथ पर मौजूद वॉलंटियर्स उनकी मदद के लिए तैयार रहेंगे।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आरोप और इल्जामात का दौर चले, कोई गिला नहीं,झूठ के गुब्बारों को बुलंदी मिलें, कोई शिकवा नहीं,हर परिणाम में प्रमाण देते है,पर वो बिना सबूत शक की नई दुनिया रौनक करते हैं और शक का इलाज तो हकीम लुकमान के पास भी नहीं। ईवीएम पर सवाल उठाने वालों को मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव से 7-8 दिन पहले ईवीएम तैयार की जाती है। हर दल को वोटर लिस्ट के बारे में जानकारी दी जाती है। एजेंट के सामने ईवीएम में चुनाव चिन्ह डाले जाते हैं। एजेंट के सामने ही ईवीएम सील की जाती है। ईवीएम में अवैध वोट डालने की संभावना नहीं है। ईवीएम फुलप्रूफ डिवाइस है। इसे मतदान के बाद सील कर दिया जाता है और इसमें वायरस नहीं जा सकता।